यह एक मस्तिष्क की व्याधि है जिसमें रोगी को हमेशा बेवजह के बेचैनी डर और चिंता की अनुभूति होती है थोड़ी-थोड़ी बात पर दिल की धड़कन का बढ़ जाना वह हर समय तनाव में रहना ।
यह सारे इनसाइटी के कारण हो सकते हैं जिससे शरीर में इनसाइटी हार्मोस बढ़ जाता है ।
यह एक मानसिक रोग जिसमें यह रोगी को नकारात्मक विचार से भरकर उसके सोचने की क्षमता को और रोज के कामों में रुचि को प्रभावित कर देती है जिससे रोगी बहुत लो महसूस करने लगता है और खुद को दोषी मानने लगता है ।
वैसे तो यह एक मस्तिष्क संबंधी रोग है पर इसका प्रभाव शरीर पर भी देखने को मिलता है
यह एक मनोरोग है जिसमें रोगी का व्यवहार में कुछ असामान्य परिवर्तन आ जाता है और वह बड़ी-बड़ी बातें करने लगता है ।
यह बीमारी रोगी को सोचने और समझने की क्षमता को बुरी तरह से प्रभावित करती है यह वास्तविक और कल्पना में अंतर नहीं कर पाता इस वजह से व्यक्ति अपने आप को संभालने और स्वयं की देखभाल करने में असमर्थ हो जाता है |
यह एक मानसिक रोग है जिसमें अनचाहे विचार बार-बार दिमाग में आते हैं और व्यक्ति को परेशान करते हैं जिससे यह अनचाहे विचार व्यक्ति को एक ही काम बार-बार दोहराने के लिए मजबूर करते हैं।
जैसे कि – हाथ धोना सफाई करना….
आयुर्वेद में मानसिक रोग में शिरोधारा का बहुत ही अच्छा रिजल्ट है और आयुर्वेद में मानसिक रोग के लिए बहुत ही प्रभावशाली विधियां उपलब्ध है जैसे –
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